Sunday, October 25, 2020
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पति को वश में कैसे करे (How to control your Husband)?

सम्मोहय वशमानय शं ऊं फट्। निम्न मंत्र को दीपावली, ग्रहण अथवा शुभ मुहूर्त में इक्कीस हजार बार जप करके सिद्ध कर लें। इसके पश्चात 31 दिन तक एक माला नियमित करते रहने से स्त्री अपने पति को वष में रख सकती है। अपने पति में स्वयं के लिए अनुराग उत्पन्न कर सकती है।

‘नमो महायक्षिर्ीि पति में वष्यं कुरू करू स्वाहा’

गोरोचन और सहदेई को पानी के साथ पीसकर निम्न मंत्र की एक माला से अभिमंत्रित करें और फिर अपने मस्तक पर उसका तिलक लगाकर जिस स्त्री के पास जायेंगे वह वषीभूत हो जायेगी।

नमः हीं क्रीं क्रीं क्रीं क्लीं श्री चामुण्डाय।
अचुकी मे वष्यं कुरू कुरू हुं फट् स्वाहा।।

कुंवारी कन्या के हाथों से काते हुए सूत में सहदेई की जड़ को बांधकर फिर उस सूत में बंधी हुई जड़ को जिस स्त्री की कमर में बांध दिया जाएगा वह व्यीभूत हो जायेगी।

ग्वारपाठा के मूल में भांग के बीज पीसकर तिलक करें तो वशीकरण होता है।

सिन्दूर तथा सफेद बच पान के रस में घिसकर तिलक करें तो वशीकरण होता है।

भोजपत्र पर शत्रु का नाम लिखकर शहद डुबोकर रखने से वह व्यीभूत हो जाता है।

अष्लेशा नक्षत्र में अर्जुन वृक्ष की छाल लायें, उसे बकरे के मूत्र में घिसकर चूर्ण कर लें, इस चूर्ण को जिसके मूत्र में डाला जायेगा वह व्यीभूत हो जायेगा।

रविवार पुश्य नक्षत्र में गेहूं के आटे की रोटी बनाकर इस मंत्र को प्याज के रस से उस रोटी पर लिखकर जिस पुरूश को खिलाऐं तो वह पुरूश स्त्री के वष में हो जायेगा।
‘नमो महायक्षिर्ीि पति में वष्यं कुरू कुरू स्वाहा’

नवरात्रि के नौ दिनों नियमित रूप से इस मंत्र की ग्यारह माला जप करें जब भी किसी को आकर्शित करना हो तब इस मंत्र की माला करके गोरोचन का टीका लगा लें तो सामने वाला आकर्शित होता है।
रंगभूमि जब किस पगु धारी।
देखि रूप मोहे नर नारी।

रवि पुश्य योग के दिन पुनर्नवा बूटी की जड़ को दाहिनी भुजा पर धारण करने से वशीकरणहो जाता है।

अक्सर ऐसा होता है कि कोई व्यक्ति हमें प्रिय है पर हमारी ओर आकर्शित नही होता है उपेक्षा का भाव रखता है ऐसे व्यक्ति को अपने आकर्षणपाश में बांधने के लिए लाल चंदन घिसकर दाहिने हाथ की तर्जनी से उसका नाम भोजपत्र या पीपल के सूखे पत्ते पर लिखें। उसके सूख जाने पर उसे पीसकर जितने अक्षर उसके नाम हो उतनी गोलियां बनाकर लाल सूती कपड़ें में रख लें। तीन रात सिरहाने रख कर सोयें चैथी रात उन्हें उसके निवास के सामने फेंक दें इससे उपेक्षा करने वाले व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन आ जायेगा।

रविवार के दिन मरे हुए बैल के सींग में उस आदमी के पैर की धूल भरें जिसे आप वष में करना चाहती हैं। फिर इसे गुगल के धुयें से पवित्र कर उसी व्यक्ति के घर में गाड़ दें।

ब्रह्मदंडी की टहनी सोमवार को पीसकर सुरमें की तरह आंखों में लगायें जब भी किसी आदमी को वष में करना हो तो यह सुरमा लगाकर उसके पास पहुँच जायें।(इस औशद्यि का प्रयोग वैद्य से पूछकर ही करें)

बालछड़ की जड़ें कुछ देर के लिए अपने मुंह में रखें फिर इसे मुंह से निकालकर पान के पत्ते में रखकर उस महिला को पेष करे जिसे आप वष में करना चाहते है।

पुश्य नक्षत्र के दौरान धोबी के पैर की धूल को उठायें और रविवार को उस महिला के माथे पर लगायें जिसे आप वष में करना चाहते हैं।

पुश्य नक्षत्र में मंजीठ की जड़ों का पाउडर बनाकर उस महिला के सिर पर लगायें जिसे आप काबू में करना चाहते है।

सवा लाख का जप करने से यह मंत्र सिद्ध हो जाता है फिर नियमित एक माला करने से सामने वाला आकर्शित होता है।

‘ऐं हीं श्रीं क्लीं अ सि आ उ सा नमः।’

प्रतिदिन एक माला का जप करने से सामने वाला अपने अनुकूल बन जाता है। ‘ हीं पै र्मिो सिद्धार्ंि।’

अगर किसी का पति अत्याचार करता हो, जुआरी, शराबी हो, तो पीड़ित महिला ऐसा कर लें अवष्य ही सफलता मिलेगी। उल्लू के सात पंख उनके सिरहाने दबाकर रख दें आप के पति अवष्य ही आपके व्य में रहेंगें।

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